नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से वसूले 23 लाख, चार साल बाद भी भर्ती प्रक्रिया अधर में

# Admin | 07 Sep, 2020

नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से वसूले 23 लाख, चार साल बाद भी भर्ती प्रक्रिया अधर में

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में 53 अशैक्षणिक पदों के लिए निकाली गई थी वेकेंसी

मिशन क्रांति न्यूज. बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में 53 अशैक्षणिक पदों पर चार साल बाद भी भर्ती प्रक्रिया पूरी नही हो पाई है। आज भी सात हजार 438 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा की आस में बैठे हैं। आवेदन फार्म के नाम पर 23 लाख रुपये वसूल किए गए हैं। उक्त आवेदन शुल्क का हर महीने विश्वविद्यालय को बैंक से ब्याज मिल रहा है। बेरोजगार खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं पर अफसोस जिम्मेदार नुमाइंदे मौन है। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय ने 53 अशैक्षणिक पदों में भर्ती के लिए 10 मई 2016 को विज्ञापन जारी किया था और एक जून 2016 को भर्ती प्रक्रिया अचानक निरस्त कर दी गई। 10 फरवरी 2017 को पुनः विज्ञापन निकाला। इसके बाद फिर आवेदकों ने निर्धारित शुल्क भी जमा किया। आवेदन करने प्रोग्रामर पद के लिए सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 700 और अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों को 400 रुपये देने थे। वहीं अन्य पदों के लिए सामान्य व ओबीसी को 500 और अनुसूचित जाति व जनजाति को 250 रुपये देने थे। सात हजार 438 आवेदकों से 22 लाख 31 हजार 400 रुपये मिले। स्क्रूटनी के बाद पात्र अभ्यर्थियों की सूची भी जारी कर दी गई। इसके बाद से अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं। निकली गई वेकेंसी में प्रोग्रामर एक पद, कुलपति के निज सहायक एक पद, स्टेनोग्राफर दो पद, डाटा एंट्री ऑपरेटर 10 पद, सहायक ग्रेड-तीन कार्यालय सहायक 16 पद, स्टेनो टायपिस्ट एक पद, लैब टेक्नीशियन चार पद, वाहन चालक चार पद, प्रयोगशाला परिचारक चार पद, भृत्य 10 पद की भर्ती परीक्षा होनी है भर्ती प्रक्रिया अधर में अटकी हुई है। अभ्यर्थी अब खुद को ठगा महसूस कर जमा किए गए आवेदन शुल्क तक वापस मांगने लगे हैं और जिम्मेदार आला अफसर के पास सवाल का जवाब नही है।

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