छत्तीसगढ़ की पारम्परिक वेशभूषा में प्रीवेडिंग का अनोखा अंदाज, छत्तीसगढ़ियों को इजीनियर देवेंद्र और रश्मि देना चाह रहे खास संदेश

# Admin | 25 Apr, 2023

छत्तीसगढ़ की पारम्परिक वेशभूषा में प्रीवेडिंग का अनोखा अंदाज, छत्तीसगढ़ियों को इजीनियर देवेंद्र और रश्मि देना चाह रहे खास संदेश

🔷 प्रीवेडिंग की खास तस्वीर की लोग जमकर कर रहे सराहना।

🔷 युवाओं को खूब भा रहा यह छत्तीसगढ़िया अंदाज।

मिशन क्रांति न्यूज़ जांजगीर - चाम्पा। छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति, भाषा,धरोहर को सहेजने और छत्तीसगढ़ की पारम्परिक वेशभूषा को बढ़ावा देने प्रीवेडिंग का एक अनोखा अंदाज सामने आया है, जी हां हम बत कर रहे हैँ इजीनियर देवेंद्र और रश्मि की जो प्रीवेडिंग के जरिये छत्तीसगढ़ियों को कुछ खास संदेश देना चाह रहे हैँ ताकि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया को चरितार्थ कर सके, जिनकी शादी 3 मई 2023 को रश्मि राठौर के साथ सम्पन्न होने जा रहा हैं।

मॉडलिंग की दुनिया में वर्तमान में लोग अपनी शादी को खास बनाने प्रीवेडिंग के लिए देश,विदेश की खूबसूरत जगह और स्टाइलिस फोटो शूट कराते हैँ जिसके लिए वे काफी रकम खर्च कर देते हैँ लेकिन जांजगीर के बस्ती के एक इंजीनियर देवेंद्र राठौर और रश्मि राठौर ने अपनी शादी को खास बनाने के साथ ही छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति, भाषा,धरोहर को सहेजने और छत्तीसगढ़ की पारम्परिक वेशभूषा को बढ़ावा देने प्रीवेडिंग का यह नया और अनोखा अंदाज अख्तियार किया है इंजीनियर देवेंद्र और रश्मि राठौर ने छत्तीसगढ़ी पारम्परिक वेशभूषा के साथ कई बेहतरीन तस्वीर शूट कराया है जिसमें कुछ एक तस्वीर में रश्मि जहाँ छत्तीसगढ़ की पारम्परिक वेशभूषा इलियास की साडी (लुगरा) के साथ टोकरी हाथ में रखी है वहीं देवेंद्र सिर में गमछे की पगड़ी (पागा ) बांधे और दोनों हाथ में बकरी को उठाकर तस्वीर खींचाया है, जिसमें छत्तीसगढ़िया होने का भाव स्पष्ट उजागर कर रहा है,यह तस्वीर छत्तीसगढ़ी वेशभूषा को बढ़ावा देने एक बेहतर उदाहरण है। खासकर तब, जब यह प्रीवेडिंग के लिए खींची गई तस्वीर हो, देवेंद्र और रश्मि राठौर का मानना है कि छत्तीसगढ़ी कला संस्कृति,भाषा और अपनी धरोहार को सहेजने और छत्तीसगढ़िया वेशभूषा को बढ़ावा देने कि जरूरत है ताकि हम सभी छत्तीसगढ़िया हमारी भाषा और वेशभूषा पर गर्व महसूस कर सकें, इसीलिए उन्होंने महंगे होटल और देश विदेश जाने की बजाय अपने क्षेत्र मे ही रहकर यह छत्तीसगढ़िया अंदाज अफनाया हमारा संदेश यही है कि अपनी कला, संस्कृति, बोली, भाषा, परमापरिक पहनावा और छत्तीसगढ़ की धरोहर को सहेजना और संरक्षित रखना बेहद जरूरी है। जांजगीर के पुरानी बस्ती निवासी इंजी. देवेंद्र राठौर छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति को संजोए रखने सबसे अलग पुराने जमाने के अंदाज में अपनी शादी के प्रीवेडिंग कुछ इस तरह से कर रहे हैं, जो फोटो में देखा जा रहा सकता हैं, साथ ही देवेंद्र की शादी का कार्ड भी छत्तीसगढ़ी भाषा में है और वे खुद भी शादी का निमंत्रण छत्तीसगढ़ी भाषा में दे रहे हैँ देवेंद्र का यह अंदाज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है,प्रीवेडिंग की खास तस्वीर की लोग जमकर सराहना कर रहें हैँ, वहीं प्रीवेडिंग युवाओं को यह छत्तीसगढ़िया अंदाज खूब भा रहा है।

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