नवागढ़ तहसील को राजस्व अनुभाग घोषित कराने अधिवक्ताओं ने की आवाज मुखर

# Admin | 28 May, 2022

नवागढ़ तहसील को राजस्व अनुभाग घोषित कराने अधिवक्ताओं ने की आवाज मुखर

◆ 20 मई से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे नवागढ़ अधिवक्ता संघ को कई राजनैतिक पार्टी का समर्थन।

मिशन क्रांति न्यूज. जांजगीर - चाम्पा। नवागढ़ तहसील को राजस्व अनुभाग घोषित कराने अधिवक्ताओं ने आवाज मुखर करते हुए शासन प्रशासन द्वारा शीघ्र निर्णय लिए जाने पर जोर दिया और अधिवक्ताओं ने एक स्वर में अपनी प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि पूर्व में जब मध्यप्रदेश हुआ करता था। तब 1 दिसंबर 1997 को नवागढ़ तहसील कार्यालय की स्थापना हुई। विभाजन के बाद जब छग राज्य बना और नवागढ़ को वर्तमान में नगर पंचायत का दर्जा दिया जा चुका है। साथ ही कार्यालय जनपद पंचायत एवं व्यवहार न्यायालय की स्थापना भी हो गई है । शिवरीनारायण को भी अलग तहसील का दर्जा दिया जा चुका है ऐसे में अधिवक्ता संघ ने मांग करते हुए कहा कि नवागढ़ मुख्यालय को पृथक से राजस्व अनुभाग घोषित कर प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर किया जा सकता है। यहां यह बताना लाजमी होगा कि तहसील नवागढ़ में 2007-2008 में न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी का लिंक कोर्ट भी संचालित किया जाता रहा, लेकिन वर्तमान में बिना कोई ठोस कारण के लिंक कोर्ट का संचालन बंद करा दिया गया है। नवागढ़ को राजस्व अनुभाग घोषित करने पर अंचल के लोगों को राजस्व कामकाज में सुविधा होगी, राजस्व अनुभाग संबंधी काम के लिए लम्बी दूरी तय नहीं करना पड़ेगा। उक्त मांगों को लेकर नवागढ़ अधिवक्ता संघ नौवें दिन भी अनिश्चितकालिन हड़ताल पर रहे और नवागढ को राजस्व अनुभाग घोषित करने की मांग पर अड़े रहे। नवागढ़ व्यापारी संघ, आम आदमी पार्टी ने भी नवागढ़ को राजस्व अनुभाग का दर्जा देने संबंधी उक्त मांग को जायज ठहराते हुए अपना समर्थन दिया। आंदोलन में नवागढ़ अधिवक्ता संघ के सचिव राजेश रोशन सुल्तानियां, वरिष्ठ अधिवक्ता पीताम्बर केशरवानी, अशोक वर्धन सिंह बनाफर, रवि कश्यप,सम्मेलाल सुल्तानियां, कृष्ण कुमार साहू, भुवनेश्वर बंजारे, कुंदन लाल श्रीवास एवं महेश कुमार सिंह उपस्थित थे।

सड़क पर उतरने बाध्य ना करे सरकार : विधायक चंदेल

विधायक नारायण चंदेल शनिवार को नवागढ़ अधिवक्ता संघ के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और भूख हडझताल में पहुंचे और संघ द्वारा नवागढ़ को राजस्व अनुभाग का दर्जा दिए जाने संबंधी मांग को जायज बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विभाजन के पूर्व से नवागढ़ तहसील की स्थापना हुई है, शासन को अविलंब नवागढ़ को राजस्व अनुभाग घोषित करना चाहिए। विधायक श्री चंदेल ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ राजनैतिक लाभ के लिए आपके अधिकार को अनयत्र ले जाने की चेष्टा कर रहे हैं जिसका हम सड़क पर उतरकर विरोध करेंगें और अधिवक्ता और क्षेत्र की जनता का साथ देंगे। इस अवसर पर भाजपा से विवेका गोपाल, संजीव बंजारे, निरंजन कोसले सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 अधिवक्ता संघ के आंदोलन को आम आदमी पार्टी का मिला समर्थन

आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि राजनैतिक उपेक्षा के शिकार अंचल के लोगों की दबी जुबान को मुखर करने का काम अधिवक्ता संघ ने किया है। जिससे क्षेत्र की जनता को नई उर्जा मिली है अगर नवागढ़ को राजस्व अनुभाग का दर्जा नहीं मिला तो धीरे-धीरे यह जन आंदोलन के रूप में तब्दील हो जाएगी।

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