बढ़ते अपराध और बेखौफ अपराधियों पर शिकंजा कसने शासन और प्रशासन को कारगर नीति लागू करने की दरकार!

# Admin | 02 Feb, 2026

बढ़ते अपराध और बेखौफ अपराधियों पर शिकंजा कसने शासन और प्रशासन को कारगर नीति लागू करने की दरकार!

🔷 अपराधियों से आखिर कब तक खौफ़ज़दा रहेंगे लोग ?

🔷 खाकी वर्दी और कानून को खुलेआम चुनौती देते नजर आ रहे अपराधी !

♦️डायमंड शुक्ला, संपादक मिशन क्रांति न्यूज


छत्तीसगढ़ में अपराध का ग्राफ दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा है, सरकार भले ही लाख दावे के ले की अपराध पर अंकुश लगा है, पर यह दावा खोखला ही साबित होगा, क्योंकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है, छग में हत्या, जानलेवा हमला, चाकूबाजी,डकैती, लूट , दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में अपराधी आज भी बेखौफ लग रहे हैं शायद ऐसे अपराधियों को न तो कानून का खौफ है न है खाकी वर्दी का भय, छत्तीसगढ़ की राजधानी में जहां, आए दिन चाकूबाजी लूट डकैती जैसे संगीन अपराध हो रहे, वहीं अन्य जिलों की भी बात करें तो स्थिति सामान्य नहीं है वो बात अलग है कि सरकार और सरकारी तंत्र कानून की दुहाई देते हुए अपराध पर नियंत्रण का झूठा दावा प्रस्तुत कर खुद की पीठ थपथपा रही है,

रायपुर , दुर्ग, भिलाई, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, कवर्धा, जांजगीर चांपा सहित छग के ज्यादातर जिलों में अपराधी के हौसले बुलंद हो गए हैं, यह अपराध को सिर्फ अंजाम नहीं दे रहे बल्कि शासन प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं,

कानून की सुरक्षा की जिम्मेदारी को समझते हुए सरकार और सरकारी तंत्र को बढ़ते अपराध और बेखौफ अपराधियों पर शिकंजा कसने शासन और प्रशासन को कारगर नीति लागू करने की दरकार है क्योंकि योजनाबद्ध तरीके से अगर वर्तमान में अपराधियों पर शिकंजा कसने कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आनेवाले समय में स्थिति और भी भयावह होगी, ऐसे में न जाने और कितनों को प्रशासनिक लापरवाही अथवा सेजगता, सतर्कता, सावधानी नहीं होने पर जान मॉल लालका खतरा उठाना पड़ेगा, यह बहुत गंभीर सवाल है वर्तमान में क्योंकि असुरक्षित हैं लोग आज भी, अगर रायपुर में आए दिन हुए चाकूबाजी और आपराधिक मामलों की बात करे या फिर चंद दिनों पहले शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में अपराधी तत्वों द्वारा जिस तरह लूट, डकैती जैसे घटना को अंजाम देने राहगीरों पर जानलेवा हमला करते हुए सिर पर लोहे और डंडे से सँघातिक वार कर तकरीबन 14 राहगीरों को गंभीर चोटें पहुंचाई गई, जिसमें 2 पीड़ित कोमा में हैं वही बाकी लोगों का अन्य अलग अलग अस्पतालों में इलाज जारी है, सामान्य लोग जो अपनी जिंदगी के सामान्य जरूरतों को पूरा करने बाइक से सफर कर रहे थे उन्हें योजनाबद्ध तरीके से गिरोह द्वारा टारगेट करके प्राणघातक हमला कोई सामान्य घटना नहीं है, यह छग सरकार के के सबसे बड़े ओहदे में बैठे गृहमंत्री , और पुलिस विभाग में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहे डीजीपी, आईजी और जिले के पुलिस कप्तान सबकी नाकामी है अपराधियों की धरपकड़ से अथवा चंद अपराधियों की गिरफ्तारी से सरकार और सरकारी तंत्र की जवाबदेही खत्म नहीं हो जाती। जिम्मेदारी यह भी तय करती है कि आखिर इस तरह अपराध को बढ़ावा देने ये हिम्मत उनमें आती कहां से है और इतनी शातिर तरीके से ये बेखौफ घटना को अंजाम देते हैं कि किसी को भनक तक नहीं लगती मतलब पुलिस के खुफियातंत्र से ज्यादा एडवांस है ये शातिर, क्या पुलिस प्रशासन का इंटेलिजेंस ब्यूरो की कोई जवाबदेही नहीं है ऐसे गंभीर मामलों पर...? क्या इनका काम महज चुनावी सभा में भीड़, अथवा लोगों का विरोध जैसे कामों के लिए ही है..? वैसे सवाल बहुत सारे हैं सरकार और कानून के नुमाइंदों से करने को, बहरहाल सरकार और पुलिस प्रशासन इस बात को जितनी जल्दी हो स्वीकार के ले की अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और दिन ब दिन बढ़ते जा रहा है उन्हें कानून का खौफ बिल्कुल ही नहीं है अपराधियों के साजिशों ,षड्यंत्रों का भी घटना को अंजाम देने से पहले पर्दाफाश हो ताकि आनेवाले दिनों में अपराध पर विराम लगे,अपराधी सलाखों में हो और छत्तीसगढ़ में शांतिव्यवस्था कायम हो।

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