बोडसरा समिति के भ्रष्ट कर्मचारी को अफसरों का खुला संरक्षण,,प्राधिकृत अधिकारी ने लगाया आरोप ! कलेक्टर से की शिकायत

# Admin | 12 Jul, 2025

बोडसरा समिति के भ्रष्ट कर्मचारी को अफसरों का खुला संरक्षण,,प्राधिकृत अधिकारी ने लगाया आरोप ! कलेक्टर से की शिकायत

🔷️ लिपिक सह कम्पुटर आपरेटर ने किसानों की ऋण वसूली और हिस्से की राशि को बैंक में नही किया जमा।

🔷️ वित्तिय अनियमितता की जांच कर दोषी पर उचित कार्रवाई करने की रखी मांग।

🔺️मिशन क्रांति न्यूज़ जांजगीर - चाम्पा।


बोडसरा समिति के एक कर्मचारी पर किसानों की ऋण वसूली व हिस्से की राशि को बैंक में जमा नहीं करने पर संचालक मंडल द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई, जिसे लेकर अफसर और संचालक मंडल के बीच आपस में ही ठन गई, उप्पंजीयक दफ्तर के अफसरों ने कार्रवाई को ही अनुचित ठहराते हुए उल्टा संचालक मंडल को ही कटघरे में खडा कर दिया। जिससे नाराज प्राधिकृत अधिकारी ने 11 जुलाई को दिये गए अपनी शिकायत में अफसर द्वारा भ्रष्ट कर्मचारी को खुला संरक्षण देने का आरोप लगाया है साथ ही प्रश्रय देने वाले मामले की निष्पक्ष जांच कर अफसर और कर्मचारी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग भी की है।

शिकायतकर्ता प्राधिकृत अधिकारी संजय कुमार  साहू द्वारा कलेक्टर को दिये गए शिकायत में उल्लेखित है कि बोडसरा समिति में पदस्थ कर्मचारी लिपिक सह कंप्यूटर आपरेटर लीलादस मानिकपुरी ने किसानो की ऋण वसूली और हिस्से की राशि को बैंक में जमा नही कराया, इस दौरान कर्मचारी लीला दास मानिकपूरी लम्बे समय तक नदारद रहा, जिसे संचालक मंडल द्वारा बकायदा नोटिस जारी कर अवगत कराया गाया, बावजूद इसके उक्त कर्मचारी द्वारा आज पर्यंत ना तो बैंक में किसानों की ऋण वसूली की राशि जमा की गई और ना ही कोई संतोष प्रद जवाब दिया गाया। ऐसे में राशि में गडबडी करने वाले लापरवाह कर्मचारी लीलादास मानिकपूरी पर संचालक मंडल ने 26 मई निलंबन की कार्रवाई की और आरोप पत्र संबंधित शाखा प्रबंधक और पर्यवेक्षक को दिया गाया। कार्रवाई से बौखलाए कर्मचारी ने लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप समिति के संचालक मंडल के द्वारा कर्मचारी को निलंबन किये जाने पर कर्मचारी बौखला गए और संचालक मंडल पर लम्बे समय से वेतन भुगतान नहीं करने और मानसिक रूप से उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप मढ दिया। जांच अधिकारी द्वारा दुर्भावनावश कार्रवाई करने की बात कहते हुए निलंबन की कार्रवाई को ही अनुचित ठहर दिया, और कर्मचारी को वितीय अनियमितता से अभयदान देते हुए संचालक मंडल को कटघरे में खडा कर दिया गाया, ऐसे में प्राधिकृत अधिकारी ने सीधे तौर पर भ्रश्ट कर्मचारी को अफसर द्वारा संरक्षण दिये जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, बहरहाल मामला जी भी हो लेकिन बोडसरा समिति के संचालक मंडल और अफसरों की आपसी तनातनी से वितीय अनियमितता में संलिप्त कर्मचारी का मनोबल बढ गया है, वहीं संचालक मंडल निर्धारित मापदंड व नियमों के अनुरूप काम करने के बावजूद हतोत्साहित हैं जो अफसरों पर कई तरह के सवालिया निशान लगा रहा है कि आखिरकार बोडसरा समिति के किसानों की ऋण वसूली की राशि मे गडबडी करने वाले कर्मचारी को अफसरों द्वारा अभयदान समझ से परे है। ---

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