हसौद को पूर्ण तहसील का दर्जा दिलाने विधायक केशव चन्द्रा ने मंडी प्रांगण में किया धरना प्रदर्शन

# Admin | 17 Sep, 2021

हसौद को पूर्ण तहसील का दर्जा दिलाने विधायक केशव चन्द्रा ने मंडी प्रांगण में किया धरना प्रदर्शन

◆ 19 साल बाद भी तहसील का दर्जा नहीं मिलने पर आक्रोशित हैं क्षेत्रवासी।

सक्ती जिला घोषित होने के मद्देनजर ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए हसौद को मिले पूर्ण तहसील का दर्जा।

 मिशन क्रांति न्यूज. जांजगीर-चांपा। जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हसौद को शासन ने उप तहसील का दर्जा दिया है जिसे अब पूर्ण तहसील का दर्जा देने की मांग को लेकर गुरूवार को जैजैपुर विधायक केशव चंद्रा ने मंडी प्रांगण में पूर्व सूचना के अनुरूप धरना प्रदर्शन किया।  इस दौरान बड़ी तादात में प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल  के नाम  नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। 

दरअसल 25 जनवरी 2002 को हसौद को उप तहसील का दर्जा दिया गया था मगर 19 साल बाद भी हसौद उप तहसील केवल नाम का रह गया है। धरना पर बैठे विधायक केशव चंद्रा ने बताया कि सबके इच्छा था कि हसौद तहसील बन जाये लेकिन पहली बार धरना प्रदर्शन के माध्यम से हो रहा है यह आंदोलन की आवश्यकता क्यो पड़ा कल तक तहसील में कार्य हो जा रहा था लेकिन आज लोक सेवा केंद्र में आवेदन देना पड़ेगा प्रदेश में किसका भी सरकार रहेगा लेकिन जनता से बड़ा नही होगा विकास की बात है जिसको हम शहर में देखते थे ओ आज गांव में देखने को मिल रहा है विकास की वह सुविधा नही है लेकिन न्याय जरूर मिलेगा सुदीप पाल ने कहा कि लोग कहते है कि दो बसपा विधायक है इन लोग क्या कर लेंगे लेकिन मैं बताना चाहता हु कि ये विधायक लड़ाकू विधायक है जो प्रत्येक ग्राम पंचायत में विकास हुआ है एक विधायक 89 विधायक को मात दे दिया है सुरेश चन्द्रा ने कहा कि आप लोग जानते ही होंगे 6 सितंबर को जैजैपुर में धरना प्रदर्शन हो रहा था वैसे ही अधिकारियों का फोन आने लगा और साथ ही खाद चार से पांच गाड़ी आने लगा और अभी भी खाद की समस्या बनी हुई है मंत्री ने भी सराहना विधायक का किया क्योंकि हर समस्या को सदन में रझकर कार्य कर रहे है छत्तीसगढ़ में टावर लाइन जब लगने लगा तो किसी किसान को मुआवजा नही दे रहा था तो केशव चन्द्रा ने सदन में उठाया तो पूरा छत्तीसगढ़ की किसानों को मुआवजा मिला आज हसौद को पूर्ण तहसील की मांग करने के लिए धरना प्रदर्शन किया जा रहा है सभी नया नया जिला बना सकते है लेकिन हसौद को काहे अपेक्षित किया जा रहा है जबकि यहाँ किसी भी अधिकारी की नियुक्ति नही है सरकार तक धरना प्रदर्शन के माध्यम से माग को पहुचाया जा रहा है सभी के उद्बोधन के बाद सभी धरना प्रदर्शन में शामिल हुए लोगो ने एक साथ रैली निकालकर राज्यपाल के नाम पर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौपे जो एक चर्चा की विषय बना हुआ है

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